आर्थिक सर्वेक्षण 2019 हुआ पेश , यह रही इकॉनमी की सूरत
आर्थिक सर्वेक्षण 2019 : संसद में कल देश की इकॉनमी की सेहत बताने वाली रिपोर्ट यानी आर्थिक सर्वे को पेश कर दिया गया वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में सदन के पटल पर इसे रखा| आर्थिक सर्वे के बारे में आपको बता दें कि यह आम बजट से पहले देश की आर्थिक दशा की तस्वीर को दर्शाता है|
आतिक बजट में पिछले 12 महीने के दौरान देश में विकास का क्या रुझान रहा , योजनाओं को किस तरह से लागू किया गया आदि इस बारे में विस्तार से बताया जाता है|
आर्थिक सर्वे 2019 में देश की विकास की रफ्तार 7% रहने का अनुमान किया गया है| बता दें कि पिछले वर्ष घरेलू सकल उत्पाद यानी जीडीपी की वृद्धि दर 5 साल के न्यूनतम स्तर 6.8% रही थी| 7 फ़ीसदी विकास का मतलब है कि भारत दुनिया में सबसे तेज गति से आगे बढ़ता रहेगा| वहीँ वैश्विक विकास दर के कम रहने की आशंका जताई गई है|
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आइए आपको आर्थिक सर्वेक्षण 2019 के मुख्य बातों से अवगत करवा दें

- भारतीय सर्वेक्षण में कहा गया है कि 2024-25 तक भारत को $5000 अरब की व्यवस्था बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टारगेट को हासिल करने के लिए भारत को अपनी वास्तविक दर को 8% बनाए रखने की जरूरत है|
- सर्वेक्षण में सुझाव दिया गया है कि मांग , नौकरियां ,निर्यात की विभिन्न आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए इन्हें अलग समस्या के रूप में नहीं बल्कि एक साथ जोड़ कर देखना चाहिए|
2019 में राजकीय घोष घाटा 5.8% रहने का अनुमान जाहिर किया गया है| 2018 में यह 6.4 फीसदी था| - आर्थिक सर्वे में आने वाले दिनों में तेल की कीमतों में गिरावट का अनुमान जताया गया है जो कि भारत के लिए शुभ समाचार है|
- आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में करीब साढे 13 फ़ीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है जबकि कॉरपोरेट टैक्स सेक्शन भी बेहतर हुआ है हालांकि इनडायरेक्ट टैक्स में 16% की कमी आई है इसका कारण जीएसटी रेवेन्यू में कमी है|
- सर्वे के अनुसार कामकाजी आयु वर्ग की आबादी हर साल करीब 97 लाख बढ़ने का अनुमान है जबकि 2030 में कामकाजी आयु वर्ग के लोगों की संख्या हर साल 42 लाख बढ़ने का अनुमान है
- आर्थिक सर्वे में एक बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया है| वह है 2050 तक भारत में पानी की किल्लत होना|
- इसके अलावा आर्थिक सर्वे में न्यूनतम मजदूरी तय करने की रूपरेखा तय की गई है| इसमें सुझाव दिया गया कि न्यूनतम मजदूरी में 10% की बढ़ोतरी हुई है ताकि रोजगार दर 6.34 फीसदी रहा है| अनाज उत्पादन 2018-2019 में 28.34 करोड टन रहने का अनुमान है| सर्वे में यह भी बताया गया है कि विदेशी मुद्रा भंडार 2018-19 में 412.9 अरब डॉलर के सबसे उच्च स्तर रहने का अनुमान है|
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Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy

